
ग्रेटर नोएडा न्यूज़: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 2025 के महाकुंभ की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। इसके लिए आयोजित होने वाले मेले की भव्य तैयारियों के बीच प्रदूषण नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बड़ा फैसला लिया है। फैसला लेते हुए महाकुंभ के कई स्नान पर्वों के दौरान वेस्ट यूपी के 11 जिलों की 543 औद्योगिक इकाइयां 24 दिन के लिए बंद रहेंगी। इसमें ग्रेटर नोएडा की 74 फैक्ट्रियां और कंपनियां शामिल हैं। जल प्रदूषण को रोकने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
महाकुंभ के दौरान टीमें सक्रिय रहेंगी
महाकुंभ के दौरान प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर विशेष नजर रखी जाएगी। जिला प्रशासन की टीम के साथ यूपीपीसीबी और सीसीबी की संयुक्त टीमें कंपनियों और फैक्ट्रियों पर नजर रखेंगी। अगर किसी कंपनी या फैक्ट्री से रंगीन या प्रदूषित पानी निकलता मिला तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी भुवन प्रकाश यादव ने लोकल 18 से बात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि जिला स्तरीय निगरानी समिति और थर्ड पार्टी निरीक्षण कभी भी निरीक्षण कर सकती है। एटीपी बंद पाए जाने पर उद्योगों को तत्काल बंद कराने की कार्रवाई की जाएगी।
कब से कब तक बंद रहेंगी फैक्ट्रियां
महाकुंभ 2024 कार्यक्रम के मद्देनजर गंगा की शुद्धता बनाए रखने के लिए 13 जनवरी से 26 जनवरी तक कई तिथियों पर उद्योगों को बंद रखने का रोस्टर तैयार किया गया है। जिन जिलों में उद्योग बंद रहेंगे उनमें मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़, ग्रेटर नोएडा, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बिजनौर और अमरोहा शामिल हैं।
सिंचाई विभाग ने जारी की सूची सिंचाई विभाग के अनुसार इन जिलों से गंगा नदी का पानी प्रयागराज में 9 दिन में पहुंचता है। इसके चलते ग्रेटर नोएडा की 74 कंपनियों और फैक्ट्रियों को बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इन्हें 24 दिन तक बंद रखा जाएगा।