अगस्त में बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद से भारत और पड़ोसी देश के बीच संबंध बेहद निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। इतना ही नहीं, इस दौरान वहां रहने वाले हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ है। लगातार भारत विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं। तनावपूर्ण संबंधों के बीच भारत ने आज शुक्रवार को घोषणा की कि विदेश सचिव विक्रम मिस्री अगले हफ्ते ढाका जाएंगे।

विदेश सचिव की 9 दिसंबर को ढाका यात्रा पड़ोसी देश में हिंदुओं सहित अल्पसंख्यकों पर लगातार हो रहे हमलों और बांग्लादेश के साथ संबंधों में तनाव के बीच हो रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि मिसरी विदेश कार्यालय परामर्श के ढांचे के तहत एक बैठक में भाग लेने के लिए बांग्लादेश जा रहे हैं।

चिन्मय मामले में निष्पक्ष प्रक्रिया होनी चाहिए- विदेश मंत्रालय

प्रवक्ता जायसवाल ने कहा, “विदेश सचिव विदेश कार्यालय परामर्श बैठक के लिए सोमवार (9 दिसंबर) को बांग्लादेश का दौरा करेंगे। यह बांग्लादेश पक्ष के साथ हमारी संरचित वार्ता का हिस्सा है।” जायसवाल अपने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में एक सवाल का जवाब दे रहे थे।

हिंदू नेता चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ़्तारी पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत इस मामले में निष्पक्ष, न्यायसंगत और पारदर्शी कानूनी प्रक्रिया की उम्मीद करता है। उन्होंने कहा, “हमने इस मुद्दे पर पहले भी बात की है। हम अपनी उम्मीद दोहराना चाहेंगे कि बांग्लादेश में चल रही प्रासंगिक कानूनी प्रक्रियाओं का निष्पक्ष, न्यायसंगत और पारदर्शी तरीके से पालन किया जाना चाहिए। ताकि संबंधित लोगों के कानूनी अधिकारों का पूरा सम्मान किया जा सके।”

भारत ने हमले पर चिंता जताई थी

शेख हसीना की सरकार के सत्ता से हटने और मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्ते खराब हो गए हैं और दोनों के बीच रिश्तों में तनाव आ गया है। भारत पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर लगातार हो रहे हमलों पर चिंता जताता रहा है। पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय समेत अल्पसंख्यकों पर हमलों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।

भारत ने पिछले हफ्ते कहा था कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को सभी अल्पसंख्यक लोगों की सुरक्षा की अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उसने चरमपंथी समूहों की बयानबाजी और हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा की घटनाओं पर भी गंभीर चिंता जताई थी।

पुतिन के दौरे पर विदेश मंत्रालय ने क्या कहा

साथ ही भारत ने यह भी उम्मीद जताई थी कि देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार चिन्मय दास से जुड़े मामले को न्यायपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से निपटाया जाएगा। चिन्मय को पिछले महीने ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर देशद्रोह के मामले में गिरफ्तार किया गया था। तब से वह जेल में है।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की संभावित भारत यात्रा के बारे में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि रूस के साथ हमारी हर साल शिखर बैठक होती है। अगली बैठक अगले साल भारत में होने वाली है। इसलिए हम कूटनीतिक माध्यमों से इस पर काम करेंगे।

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